Wednesday, August 28, 2019

Motivational status

जिंदगी में बहुत मुश्किलें है, जिंदगी झंड है झंड, काश मैं ऐसा कर पाता। आप इस तरह की लाइन बहुत बार लाइफ में बोल जाते हो। क्या आपको आईडिया है कि इन लाइन को बोलने से आपकी लाइफ में क्या असर होता है? क्या इंपैक्ट होता है?

यह मेरा दावा है कि एक बार आप को यह पता चल गया ना कि इसकी वजह से आपकी लाइफ कैसे प्रभावित होती है तो आप दोबारा लाइफ में कभी भी अपने मुंह से नेगेटिव शब्द नहीं निकालोगे।

दो लाइन को यूज करते हुए मैं आपको एक कांसेप्ट समझाऊंगा। मेरी जिंदगी में बहुत मुश्किले हैं अक्सर हम ऐसी लाइन बोल जाते हैं, इसी लाइन को बोलने का एक और तरीका हो सकता है, मेरी जिंदगी में बहुत सारे सीखने के मौके हैं। इन दोनों लाइंस को एग्जांपल लेते हुए मैं आपको बताऊंगा इस कांसेप्ट के पीछे का साइंस, एक्सपीरियंस और इंपैक्ट और फिर आप जान पाओगे कैसे कुछ शब्द को बदल के आप अपनी लाइफ में से गम निकाल सकते हो और दम डाल सकते हो।

मैं आप को बताऊंगा कि क्या एक्शन लेने है जिससे आप अपनी लाइफ चेंज कर पाओ, लाइफ को ट्रांसफार्म कर पाओ, गम खत्म कर पाओ और दम अंदर भर पाओ।[ads1]

पहले बात करते हैं साइंस की

हम सब के ब्रेन में बदाम की शेप जैसा एक सेक्शन होता है जिसे Amygdala कहते हैं। ये हमारे इमोशंस, मेमोरी और डिसीजन लेने की कैपेसिटी को प्रोसेस करता है। एक भी नेगेटिव वर्ड या नेगेटिव थॉट यहाँ से स्ट्रेस बनाने वाले हार्मोन्स न्यूरोट्रांसमीटर को प्रोड्यूस करता है। जो हमारी सोचने समझने की केपेसिटी को अफेक्ट करता है। इसका असर सिर्फ इमोशंस पर नहीं, हमारी बॉडी पर भी होता है।

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